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प्रयागराज29 मिनट पहले

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लोक सेवा आयोग को प्रतियोगी ईमेल कर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। - Dainik Bhaskar

लोक सेवा आयोग को प्रतियोगी ईमेल कर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा हाल ही में जारी किए गए पीसीएस-2019 व पीसीएस 2020 के परिणाम का कटऑफ मार्क्स सवालों के घेरे में खड़ा हो गया है। स्केल्ड व नॉन स्केल्ड माकर्स न जारी कर केवल कैटेगरी वाइज मार्क्स जारी किए गए है। प्रारंभिक परीक्षा के मार्क्स भी नहीं जारी किए गए हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों ने आयोग के खिलाफ ई-मेलल कैंपैन चलाने का फैसला किया है।

इसी कड़ी में भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के बैनर तले सोमवार से लेकर शुक्रवार तक आयोग के अध्यक्ष, सचिव व प्रदेश के मुख्यमंत्री को सामूहिक मेल करने का फैसला किया है। मेल के माध्यम से न्याय की मांग की जाएगी।

भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष कौशल सिंह ने बताया कि पीसीएस 18 जीआईसी प्रधानाचार्य के विषय में मूल विज्ञापन का पालन नहीं किया गया है। अगर आयोग इसका पालन नहीं करता है तो अध्यक्ष व सचिव के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की जाएगी। 27 जुलाई को पीसीएस 18 स्केलिंग की सुनवाई भी है।

निम्न बिंदुओं पर होगा ई-मेल कैंपेन

  • पिछले दिनों आयोग द्वारा पीसीएस-2018, 2019, 2020 की परीक्षा से संबंधित समस्त छात्रों के अंकपत्रों को जारी किया गया।
  • यह स्पष्ट हो चुका है कि परीक्षाओं में स्केलिंग एवं मॉडरेशन किया ही नहीं गया है।
  • पीसीएस 18 के विज्ञापन में स्पष्ट लिखा है कि स्केलिंग लागू होगी।
  • समीक्षा अधिकारी 16 के विज्ञापन का भी उल्लंघन किया गया है।
  • -उक्त प्रक्रिया को न अपनाने से मानविकी वैकल्पिक विषयों जैसे इतिहास /समाजशास्त्र /लोक प्रशासन /राजनीति शास्त्र एवं अन्य से चयन न के बराबर हुये हैं।
  • -विशेषकर प्रतिष्ठित उच्च पदों जैसे डिप्टी कलेक्टर. डिप्टी एसपी आदि उच्च पदों को टेक्निकल /तकनीकी एवं साहित्य जैसे वैकल्पिक विषयों वाले छात्रों ने आनुपातिक ढंग से अधिक अंक प्राप्त कर लिए हैं।
  • जिसके कारण मानविकी वैकल्पिक विषयों एवं टेक्निकल /तकनीकी व् साहित्य जैसे वैकल्पिक विषयों के बीच असमानता उत्पन्न हो गई है। मुख्य परीक्षा में मानविकी विषयों वाले शामिल छात्रों का प्रतिशत अधिक रहता है |
  • आयोग 1996 से 2017 तक अनिवार्य विषयों (COMPULSORY SUBJECTS) में मॉडरेशन व वैकल्पिक विषयों (OPTIONAL SUBJECTS) में स्केलिंग प्रक्रिया को निष्पक्षता व पूर्ण ढंग से लागू करता आ रहा है।
  • जिसके बारे में आयोग ने 3 जनवरी 2014 को अपनी विज्ञप्ति में स्केलिंग विधि को सार्वजनिक किया था।
  • 2018 के पूर्व में सभी प्रवर अधीनस्थ परीक्षाओं में घोषित अंकपत्रों में प्राप्तांक एवं स्केल्ड मार्क्स दोनों दिए जाते रहे हैं |
  • इस बार केवल पूर्णांक और प्राप्तांक ही दिया गया है। स्केल्ड माक्र्स का जिक्र ही नहीं है।

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