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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 24 Jan 2021 12:52 AM IST

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प्रदूषण नियंत्रण विभाग की तमाम कवायदों के बाद भी वाराणसी देश का सातवां प्रदूषित शहर है। वहीं जौनपुर देश भर में दूसरे नंबर पर बना हुआ है। शहर में प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार पानी का छिड़काव कराया जा रहा है।

शनिवार को आईक्यू एयर की ओर से रियल टाइम इंडिया सिटी रैंकिंग में बनारस का एयर क्वालिटी इंडेक्स 281 था। वहीं जौनपुर 339 के साथ दूसरे नंबर पर बना हुआ है। बता दें कि बनारस का एयर क्वालिटी इंडेक्स पिछले चार दिनों से 300 के ऊपर था। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से शहर के अंदर और बाहर चल रहे निर्माण कार्यों के आसपास पानी का छिड़काव कराया जा रहा है।

इसके चलते पीएम कणों की मात्रा में कमी आई और आंकड़ा तीन सौ के नीचे पहुंचा। बात करें शहर के अंदर की तो नाटी इमली का इलाका सबसे अधिक प्रदूषित रहा। नाटी इमली का एक्यूआई 328 और लंका का एक्यूआई 235 रहा।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अर्दली बाजार केंद्र का एक्यूआई 272 दर्ज किया गया। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि विभागों को पानी का छिड़काव करने के लिए लगातार नोटिस भेजी गई है।
 

एक किलोमीटर में ढाई सौ किलोग्राम धूल
रवींद्रपुरी-लंका मार्ग पर ही एक किलोमीटर क्षेत्र में 250 किलोग्राम धूल की मात्रा डस्ट आडिट में मिली थी। शहर की दस सड़कों पर डस्ट ऑडिट में 750 किलोग्राम से अधिक धूल होने की रिपोर्ट जारी हुई थी। रवींद्रपुरी-लंका, सुंदरपुर, गोदौलिया, कैंट, मकबूल आलम रोड पर धूल की मोटी परतें मिली थीं।

तीन सौ से अधिक है एक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार तीन सौ से ज्यादा एक्यूआई दर्ज किया गया है। शुक्रवार को एक्यूआई  307, 21 जनवरी को 341, 20 जनवरी को 310 और 19 जनवरी को 345 था।

प्रदूषण नियंत्रण विभाग की तमाम कवायदों के बाद भी वाराणसी देश का सातवां प्रदूषित शहर है। वहीं जौनपुर देश भर में दूसरे नंबर पर बना हुआ है। शहर में प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार पानी का छिड़काव कराया जा रहा है।

शनिवार को आईक्यू एयर की ओर से रियल टाइम इंडिया सिटी रैंकिंग में बनारस का एयर क्वालिटी इंडेक्स 281 था। वहीं जौनपुर 339 के साथ दूसरे नंबर पर बना हुआ है। बता दें कि बनारस का एयर क्वालिटी इंडेक्स पिछले चार दिनों से 300 के ऊपर था। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से शहर के अंदर और बाहर चल रहे निर्माण कार्यों के आसपास पानी का छिड़काव कराया जा रहा है।

इसके चलते पीएम कणों की मात्रा में कमी आई और आंकड़ा तीन सौ के नीचे पहुंचा। बात करें शहर के अंदर की तो नाटी इमली का इलाका सबसे अधिक प्रदूषित रहा। नाटी इमली का एक्यूआई 328 और लंका का एक्यूआई 235 रहा।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अर्दली बाजार केंद्र का एक्यूआई 272 दर्ज किया गया। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि विभागों को पानी का छिड़काव करने के लिए लगातार नोटिस भेजी गई है।

 

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