EXCLUSIVE | सुल्तानपुर

भंडरा परशुरामपुर की नवीन परती (गाटा सं. 1346) पर अवैध पट्टे को वैध बनाने के लिए लेखपाल-RI ने खेला बड़ा खेल, ADM कोर्ट में खुली पोल, फिर भी दोषियों पर मेहरबान हैं SDM सदर

सुल्तानपुर। सदर तहसील में सरकारी जमीनों को बंदरबांट करने का एक सनसनीखेज खेल सामने आया है। भंडरा परशुरामपुर गांव कीमती सरकारी जमीन (गाटा संख्या 1346 – नवीन परती) पर अवैध पट्टे के मामले में लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने कोर्ट को ही गुमराह कर दिया। और अब इस पूरे फर्जीवाड़े पर पर्दा डालने के लिए खुद SDM सदर ही दोषी कर्मचारियों को बचाने में जुट गए हैं!

कैसे हुआ फर्जीवाड़ा? कागज पर खड़ा कर दिया मकान!

मामला अवैध पट्टे को निरस्त कराने का था, जो अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) न्यायालय में चल रहा है। ADM कोर्ट ने जांच के लिए SDM सदर से रिपोर्ट मांगी। SDM ने जांच तहसीलदार के जरिए तत्कालीन लेखपाल सुशील तिवारी और RI कुड़वार रमाशंकर मिश्रा को सौंपी।

आरोप है कि इन दोनों ने मिलीभगत से एक फर्जी और भ्रामक रिपोर्ट तैयार कर दी।

मौके पर खाली पड़ी नवीन परती की जमीन को रिपोर्ट में ‘पक्का मकान बना हुआ’ दिखा दिया गया। इतना ही नहीं, जमीन के रकबे में भी बड़ा हेरफेर कर दिया गया, ताकि अवैध पट्टा वैध साबित हो जाए और कब्जेदार बच जाए।

ADM कोर्ट में खुली पोल, SDM ने साधी चुप्पी

जब यह रिपोर्ट ADM कोर्ट में पहुंची तो दस्तावेजों से मिलान होते ही फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। इसे गंभीरता से लेते हुए ADM कोर्ट ने दोषी लेखपाल और RI के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई के लिए कई बार SDM सदर को पत्र लिखा।

लेकिन ADM जैसे उच्च अधिकारी के बार-बार पत्राचार के बाद भी SDM सदर सुल्तानपुर ने आज तक कोई एक्शन नहीं लिया। न निलंबन, न चार्जशीट – एकदम सन्नाटा!

तीन बड़े सवाल जो प्रशासन से पूछ रही है जनता

  1. ADM कोर्ट के आदेश से बड़ा है क्या SDM सदर का पद, जो लगातार आदेशों को नजरअंदाज कर रहे हैं?
  2. सरकारी जमीन पर पक्का मकान दिखाने वाले भ्रष्ट लेखपाल-RI को किसके इशारे पर बचाया जा रहा है?
  3. क्या इस पूरे जमीन घोटाले के सिंडिकेट में तहसील के और भी बड़े चेहरे शामिल हैं?

आम किसान की एक फुट जमीन पर प्रशासन तुरंत पैमाइश कर देता है, लेकिन यहाँ सरकारी जमीन के लुटेरों को खुद अधिकारी बचा रहे हैं।

क्या इस खबर के बाद जागेगा जिला प्रशासन? सुल्तानपुर एक्सप्रेस की नजर बनी हुई है।

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