सुल्तानपुर (यूपी)। सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट जल जीवन मिशन सुल्तानपुर में शोषण मिशन बनता जा रहा है। मिशन के तहत कार्यदायी कंपनियों और एजेंसियों द्वारा सुरक्षा गार्ड और पंप ऑपरेटरों का खुलेआम शोषण किया जा रहा है, जिसके खिलाफ मंगलवार को सैकड़ों कर्मचारियों ने सपा नेता एडवोकेट अशोक सिंह बिसेन के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कुरेभार और दुबेपुर ब्लॉक सहित जनपद के विभिन्न ब्लॉकों से आए सुरक्षा गार्ड और पंप ऑपरेटरों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनसे 24-24 घंटे काम लिया जाता है, लेकिन वेतन के नाम पर महज 2000 से 8000 रुपये थमा दिए जाते हैं। जबकि उत्तर प्रदेश में संविदा कर्मियों का निर्धारित वेतन 21000 रुपये है। इतना ही नहीं, पिछले 8 महीनों से वेतन का भुगतान ही रोक दिया गया है, जिससे उनके परिवार के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है। एजेंसियों की मनमानी चरम पर ज्ञापन के दौरान सपा नेता अशोक सिंह बिसेन ने कहा कि सरकार गरीब कर्मचारियों के मुंह से निवाला छीन रही है। कार्यदायी कंपनियां सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट को पलीता लगा रही हैं। 24 घंटे सेवा लेने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं तक नहीं दी जा रही हैं। सुरक्षा गार्डों और पंप ऑपरेटरों के रहने के लिए न तो कोई व्यवस्था है और न ही शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा। खुले में रहने को मजबूर ये कर्मचारी सरकार की योजना को जमीन पर उतार रहे हैं, लेकिन सरकार ही इनके शोषण पर आंख मूंदे बैठी है। डीएम के माध्यम से सरकार तक पहुंचेगी आवाज अशोक सिंह बिसेन ने कहा कि जब तक इन कर्मचारियों को न्याय नहीं मिल जाता, यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने मांग की है कि – 8 महीने से रुका हुआ वेतन तत्काल भुगतान कराया जाए। सुरक्षा गार्ड और पंप ऑपरेटरों का वेतन संविदा कर्मियों के बराबर 21000 रुपये किया जाए। रहने और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द शोषण बंद नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन को बाध्य होंगे। Post navigation प्रशासनिक सेवा के साथ जनसेवा की मिसाल: SDM सदर गरिमा सौनकिया ने महानवमी पर कराया विशाल भंडारा सुल्तानपुर: किसान राजनीति में बड़ा धमाका, संतोष मिश्र को मिली राष्ट्रीय भारतीय किसान यूनियन ज्वाला की कमान