सुल्तानपुर। माँ दुर्गा की आराधना और सनातनी आस्था के महापर्व को लेकर केंद्रीय पूजा व्यवस्था समिति के चुनाव की चर्चा अब निर्णायक मोड़ पर है। समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय बजरंगी द्वारा करीब 500 पंजीकृत पूजा समितियों को पत्र भेजकर चुनाव में सहभागिता देने के ऐतिहासिक फैसले का सभी पूजा समितियों ने दिल से स्वागत किया है।

पूजा समितियों ने कहा कि ये फैसला पारदर्शिता और लोकतांत्रिक सहभागिता की जीत है। माँ दुर्गा की पूजा किसी व्यक्ति या गुट की जागीर नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था है।

बीमार होकर भी डटे रहे बजरंगी
समितियों ने बजरंगी जी के समर्पण को सलाम किया। स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद उन्होंने पूजा व्यवस्था को लेकर अपनी जिम्मेदारी नहीं छोड़ी। व्यक्तिगत तकलीफ से ऊपर उठकर सभी समितियों को साथ लाने की उनकी सोच ही सच्ची सेवा है।

‘बंद कमरे में पद बांटना मंजूर नहीं’
कई समितियों ने एक स्वर में कहा – दुर्गा पूजा का महासंगम किसी बंद कमरे में 4 लोगों के बीच पद बांटने से नहीं चलेगा। अगर 500 समितियां पंजीकृत हैं तो 500 को ही चुनाव की सूचना मिलनी चाहिए। यही पारदर्शी व्यवस्था है।

बजरंगी जी ने सभी को पत्र भेजकर उन चर्चाओं पर विराम लगा दिया है, जिसमें कुछ लोग अपने स्तर से पदाधिकारी तय करने की कोशिश कर रहे थे।

‘दुर्गा पूजा किसी का एकाधिकार नहीं’
पूजा समितियों का साफ कहना है – दुर्गा पूजा पर किसी का एकाधिकार नहीं चलेगा। ये सुल्तानपुर की सांस्कृतिक विरासत है। जो सबको साथ लेकर चलेगा, वही राज करेगा।

वायरल बैनर निकला फर्जी
सोशल मीडिया पर वायरल बैनर को बजरंगी जी ने फर्जी बताया है। समितियों ने अपील की है कि अफवाहों पर नहीं, केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।

संदेश साफ है –
न पद का मोह, न किसी का एकाधिकार; माँ दुर्गा की भक्ति में सबका अधिकार।

पूजा समितियों ने कहा – बजरंगी जी ने रास्ता साफ कर दिया है, अब सभी 500 समितियों को एकजुट होकर माँ के चरणों में इस महापर्व को और भव्य बनाना है।

रपोर्ट :-
प्रफुल्ल मिश्रा
सुल्तानपुर एक्सप्रेस

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