सुल्तानपुर। कुड़वार रोड पर चलना मतलब अपनी जान जोखिम में डालना! चुनहा पुल के पास जीडी गोयनका स्कूल मोड़ पर सड़क किनारे एक गहरा गड्ढा नहीं, बल्कि मौत का कुआं बन चुका है। और इस कुएं में कब किसकी जिंदगी समा जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। स्कूल गेट पर मौत का जाल!सबसे बड़ा खतरा मासूम स्कूली बच्चों पर है। सुबह-शाम इसी मोड़ से सैकड़ों बच्चे और दर्जनों स्कूल बसें गुजरती हैं। मोड़ पर होने की वजह से तेज रफ्तार गाड़ियों को यह गड्ढा अचानक दिखता है, जिससे गाड़ी पलटने या बच्चों को चपेट में लेने का खतरा हर पल बना रहता है। रात होते ही बन जाता है काल!दिन में तो फिर भी गड्ढा दिख जाता है, लेकिन रात में यहां घुप्प अंधेरा छा जाता है। स्ट्रीट लाइट न होने से अंधेरे में यह गड्ढा दिखाई ही नहीं देता। बाइक सवार तो सीधे इसके अंदर जाकर गिर सकते हैं। PWD और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में!स्थानीय लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। लोगों में भारी आक्रोश है। जनता की 3 मांग, जो तुरंत पूरी होनी चाहिए – इस जानलेवा गड्ढे को तुरंत भरा जाए। मोड़ पर रेडियम वाले बैरिकेड और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। रात में हादसा रोकने के लिए स्ट्रीट लाइटें चालू की जाएं। सवाल सीधा है – क्या प्रशासन किसी मासूम की मौत का इंतजार कर रहा है? रिपोर्ट: रामानंद मिश्रासुल्तानपुर एक्सप्रेस न्यूज़ Post navigation अमेठी पुलिस का तालिबानी चेहरा! ससुराल पहुंची नई नवेली दुल्हन को शादी के 1 घंटे बाद ही घसीटा, 8 माह की मासूम बच्ची समेत परिवार को बनाया बंधक, बैरक में कपड़ों में ही पेशाब करने को मजबूर किया!