आशा बहुओं का अल्टीमेटम: SIR ड्यूटी हटाने की मांग, तीन दिन की हड़ताल का ऐलान
आशा बहुओं का अल्टीमेटम: SIR ड्यूटी हटाने की मांग, तीन दिन की हड़ताल का ऐलान
सुलतानपुर,उत्तर प्रदेश। जनपद की आशा बहुओं ने SIR ड्यूटी से हटाकर मूल स्वास्थ्य कार्य में बहाल करने की मांग को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। इस संबंध में आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष कुसुम लता यादव के नेतृत्व में जिलाधिकारी सुलतानपुर को प्रार्थना पत्र सौंपा गया है।
पत्र के अनुसार, 11 फरवरी 2026 को भी जिलाधिकारी को अवगत कराया गया था कि सीएचसी व पीएचसी अधीक्षकों द्वारा आशा बहुओं पर SIR कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा है। आशा बहुओं का कहना है कि अतिरिक्त SIR ड्यूटी के कारण वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं देने में असमर्थ हो रही हैं, जिससे टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल और अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
“मूल कार्य में लगाएं, अन्यथा होगा बहिष्कार”
आशा बहुओं ने मांग की है कि SIR ड्यूटी को तत्काल प्रभाव से हटाकर उन्हें उनके मूल कार्य में लगाया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आशा बहुएं अपने नियमित कार्य का बहिष्कार कर विशाल धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगी।
तीन दिन की हड़ताल का ऐलान
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि शनिवार, रविवार और सोमवार को जिले की समस्त आशा बहुएं हड़ताल पर रहेंगी। इसकी सूचना समस्त सीएचसी अधीक्षकों एवं अर्बन पीएचसी अधीक्षकों को भी दे दी गई है।
आशा बहुओं के इस निर्णय से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है।
क्या है मामला?
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली ASHA (Accredited Social Health Activist) कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें पहले से ही टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, परिवार नियोजन और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का जिम्मा संभालना पड़ता है।
अब SIR ड्यूटी का अतिरिक्त बोझ डाले जाने से उनके नियमित कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मुख्य मांगें
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SIR ड्यूटी को तत्काल हटाया जाए
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मानदेय में वृद्धि की जाए
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लंबित भुगतान जल्द जारी किया जाए
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कार्य के अनुरूप सुरक्षा और सुविधा दी जाए
तीन दिन की हड़ताल
आशा बहुओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे तीन दिन तक कार्य बहिष्कार करेंगी।
इस हड़ताल का असर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण और सरकारी योजनाओं पर पड़ सकता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
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